चेन्नई के पास थूथुकुडी बंदरगाह क्षेत्र में हो रही भारी बारिश ने नमक के खेतों को पक्षियों का नया ठिकाना बना दिया। वन्यजीव विशेषज्ञ इसे पर्यावरणीय रूप से महत्वपूर्ण बता रहे हैं, जहां रोजी स्टार्लिंग्स समेत कई प्रजातियां दिख रही हैं।
नमक खेतों में जमा पानी ने इन्हें अस्थायी वेटलैंड्स में बदल दिया। वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि छोटे जलीय जीवों की बहुलता से पक्षियों को भोजन मिल रहा है। झुंडों में उतरते पक्षी पूरे दिन सक्रिय रहते हैं, जो स्थानीय लोगों के लिए नया अनुभव है।
डॉ. आर. मीनाक्षी ने बताया कि रोजी स्टार्लिंग्स लंबी यात्रा के बाद तमिलनाडु, गुजरात जैसे राज्यों में सर्दी बिताते हैं। ये कीड़ों और घासभूमि में पनपते हैं। जीवविज्ञानी एस. अरुलराज के अनुसार, झुंड सुरक्षा प्रदान करता है।
कुछ हफ्तों तक नमी बनी रही तो यह पक्षी प्रवास का केंद्र बनेगा। यह प्राकृतिक चमत्कार मानव हस्तक्षेप वाले क्षेत्रों में जैव विविधता की संभावनाएं दिखाता है।