सरकार का एमएसएमई समर्थन वाला नया कदम: अब डाक के जरिए निर्यात पर भी पूरे लाभ मिलेंगे। मंत्रालय ने बताया कि डाक चैनल से भेजे गए सामान को रोडीटीईपी, रोएससीटीएल और ड्यूटी रिफंड जैसे प्रोत्साहन 15 जनवरी से लागू हैं।
यह उन छोटे व्यापारियों, शिल्पकारों और स्टार्टअप्स के लिए वरदान है जो डाक सेवाओं पर भरोसा करते हैं। पहले ये लाभ मुख्य रूप से बड़े शिपिंग चैनलों तक सीमित थे। अब आईजीएसटी रिफंड के साथ खर्च कम होगा, नकदी प्रवाह सुधरेगा।
डाक विभाग और सीबीआईसी की संयुक्त पहल से 1013 डीएनके केंद्र सक्रिय हैं। ये ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक निर्यात प्रक्रिया को सुगम बनाते हैं—पैकिंग से कस्टम क्लियरेंस तक सब कुछ।
इससे भारत का निर्यात लक्ष्य साकार करने में मदद मिलेगी। छोटे उद्योग वैश्विक पटल पर मजबूत होंगे और अर्थव्यवस्था को व्यापक लाभ पहुंचेगा।