बैंकिंग धोखाधड़ी के खिलाफ ईडी का कड़ा रुख। कोलकाता में ज्वेलरी हाउस के बहु-करोड़ घोटाले में प्रत्युष कुमार सुरेका को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसी ने लोन डिफॉल्ट और मनी लॉन्ड्रिंग के जाल को तोड़ने में सफलता हासिल की है।
यह फर्जीवाड़ा एक प्रमुख आभूषण फर्म ने किया, जिसने बैंकों से लोन लेने के लिए झूठे बिल और बिक्री आंकड़े पेश किए। सुरेका, कंपनी के डायरेक्टर, ने कथित तौर पर पूरे नेटवर्क को लीड किया, फंड्स को रियल एस्टेट और विदेशी खातों में डायवर्ट कर दिया। कुल नुकसान 500 करोड़ पार हो चुका है।
ईडी की टीम ने रात के अंधेरे में सुरेका के घर पर दबिश दी, जहां से बेनामी प्रॉपर्टी के कागजात बरामद हुए। पहले की सर्च में 300 करोड़ के बैंक खाते फ्रीज हो चुके हैं। कोलकाता का ज्वेलरी बाजार इस खुलासे से स्तब्ध है, जहां जीएसटी और स्मगलिंग की समस्याएं पहले से मौजूद हैं।
विशेष अदालत ने ईडी को हिरासत सौंपी है। पूछताछ से बैंककर्मियों और अन्य नाम उजागर हो सकते हैं। यह घटना पीएमएलए के तहत सख्त कार्रवाई का उदाहरण है, जो उद्योग में पारदर्शिता लाने की दिशा में कदम है। भविष्य में लोन सिस्टम में बदलाव की मांग तेज हो सकती है।