मध्य प्रदेश में पुलिस ने लापता व्यक्तियों को तलाशने में रिकॉर्ड सफलता हासिल की। सात दिनों के अंदर 45 बच्चों, महिलाओं और वृद्धजनों को परिवार की गोद में पहुंचा दिया। यह ऑपरेशन पुलिस की दक्षता का प्रतीक बन गया है।
ग्वालior सेरीवा तक फैले अभियान में 500 से अधिक पुलिसकर्मी लगे। ड्रोन, फेशियल रिकग्निशन और इंटरस्टेट समन्वय से कामयाबी मिली। सागर की 65 वर्षीय महिला मंदिर में मिलीं, तो इंदौर मेले में बिछड़े पांच बच्चे शाम तक घर लौटे।
साइबर टीमें ऑनलाइन सुराग जुटाईं, पैदल गश्त बढ़ाई गई। डीजीपी ने इसे मॉडल अभियान बताया और नई ऐप की योजना बताई। जनता के 200 से अधिक टिप्स निर्णायक साबित हुए। परिवारों ने फूलमालाओं से आभार जताया।
त्योहारों में भटकने की घटनाओं को रोकने हेतु एनजीओ के साथ हेल्पलाइन शुरू हो रही। एमपी पुलिस का यह प्रयास विश्वास बहाली का प्रतीक है, जो आधुनिक तकनीक से जमीनी स्तर का पुलिसिंग दर्शाता है।