ईडी ने मैजिकविन ऑनलाइन बेटिंग स्कैम के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 14 लोगों और फर्मों पर चार्जशीट दायर की है, जो दिल्ली कोर्ट में पेश की गई। यह 1200 पेज का दस्तावेज अवैध जुए के साम्राज्य के अंदरूनी राज खोलता है, जिसने सैकड़ों करोड़ कमाए।
मास्क के तौर पर एंटरटेनमेंट पोर्टल बनाकर मैजिकविन ने आईपीएल मैचों से लेकर कैसिनो तक जुए की सुविधा दी। आरोपी वैध बिजनेस के नाम पर काले धन को सफेद करते थे, जिसमें क्रिप्टो मिक्सर्स और ट्रेड बेस्ड स्कीम्स का इस्तेमाल हुआ।
मुख्य आरोपी प्लेटफॉर्म के फाउंडर हैं, जो दुबई में रहकर भारतीय एजेंट्स को निर्देश देते थे। चार्जशीट में चैट लॉग्स, ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट्स और गवाह बयान शामिल हैं। छापों से सर्वर, यूजर डेटा और बेट लेजर्स जब्त हुए।
ईडी ने 200 करोड़ की संपत्तियां फ्रीज की हैं, जो सिंडिकेट को कमजोर करने का प्रयास है। आईपीएल जैसे इवेंट्स के दौरान बेटिंग ऐप्स के उफान से ट्रिगर हुई यह जांच क्रिप्टो वॉलेट्स और डार्क वेब पर नजर रख रही है।
ऑनलाइन बेटिंग का सामाजिक असर गहरा है—परिवार बर्बाद, युवा बेराबर। रेगुलेटर्स पर सख्त साइबर कानून लागू करने का दबाव है। यह चार्जशीट न केवल सजा दिलाएगी बल्कि डिजिटल वाइस के खिलाफ भारत की रक्षा मजबूत करेगी।