अभिषेक बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस की रैली में कहा कि न पार्टी न बंगाल की जनता कभी समझौता नहीं करेगी। “हम अपनी रीढ़ नहीं बेचते,” उनके शब्दों ने समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ा दी। भाजपा के तमाम आरोपों को खारिज करते हुए बनर्जी ने केंद्र की साजिशें बेनकाब कीं।
ईडी-सीबीआई की कार्रवाइयों को राजनीतिक हथियार बताते हुए उन्होंने ममता सरकार के कामकाज का ब्योरा दिया। कन्याश्री, स्वस्थ्य साथी जैसी योजनाओं ने महिलाओं व गरीबों का जीवन बदला। बंगाल का जीएसडीपी तेजी से बढ़ा, आईटी हब विकसित हुए।
भाजपा की विफलताओं पर तंज कसते हुए बनर्जी ने कहा, “वे वादे करते हैं, हम पूरा करते हैं।” चुनावी माहौल में ध्रुवीकरण के खिलाफ एकता का संदेश दिया। युवाओं को निशाना बनाकर भाजपा की नीतियों की पोल खोली।
भाषण के बाद कार्यकर्ता उत्साहित नजर आए। अभिषेक उभरते नेता के रूप में तृणमूल की कमान संभालने को तैयार दिखे। बंगाल विधानसभा चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं।