बीजेपी की शाजिया इल्मी ने ममता बनर्जी सरकार को घेरते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल घुसपैठियों का सुरक्षित ठिकाना बन गया है। एक प्रेस वार्ता में उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए, जो अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को संरक्षण दे रही हैं। इल्मी के अनुसार, वोट बैंक के लालच में सीमा सुरक्षा की अनदेखी हो रही है।
उत्तर 24 परगना और नादिया जैसे जिलों में 50 हजार से अधिक संदिग्ध घुसपैठिए पकड़े गए, जिन्हें राशन कार्ड और वोटर आईडी तक मिल गए। इल्मी ने ग्रामीणों की आपबीती सुनाई, जहां पुलिस कार्रवाई के बजाय घुसपैठियों का साथ दे रही है। उन्होंने एनआरसी लागू करने और सीमा चौकियों को मजबूत करने की मांग की।
टीएमसी नेताओं ने बीजेपी पर सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगाया, लेकिन इल्मी ने चुनौती दी कि वे तथ्यों पर बहस करें। बंगाल के युवाओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इस ‘जनसांख्यिकीय आक्रमण’ के खिलाफ एकजुट हों।
यह विवाद राज्य में तनाव बढ़ा रहा है। इल्मी के बयान ने विपक्ष को मजबूती दी है और आगामी चुनावों में यह मुद्दा निर्णायक साबित हो सकता है। बंगाल की पहचान और सुरक्षा अब राजनीतिक संघर्ष का केंद्र है।