बिहार में शिक्षा क्रांति का नया अध्याय शुरू हो रहा है। आंगनबाड़ी की सफलता को स्कूली पोशाकों तक ले जाते हुए जीविका दीदियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब ये महिलाएं ही बच्चों के कपड़े सिलेंगी और स्कूलों तक पहुंचाएंगी।
प्रदेश के 10 लाख जीविका दीदियां इस मिशन का आधार होंगी। शिक्षा विभाग सिलाई मशीनें, कपड़े और डिजाइन मुहैया कराएगा। लागत में 30 प्रतिशत तक कमी आएगी, जो क्लासरूम सुधार में लगेगी। नालंदा जिले में अनुपस्थिति 25 प्रतिशत घटी है।
महिलाओं को सिलाई के आधुनिक कौशल सिखाए जाएंगे। पारदर्शिता के लिए ब्लॉकचेन ट्रैकिंग होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में यूनिफॉर्म की कमी दूर होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में यह योजना राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल बनेगी।
पूर्ण कार्यान्वयन अगले सत्र से। 50 हजार महिलाओं को रोजगार मिलेगा। यह न केवल शिक्षा बल्कि महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है।