भारतीय रेल का स्वरूप 11 वर्षों में पूरी तरह बदल गया। अब यात्रा में देरी व खतरे की बजाय आराम व सुरक्षा है। बिना गेट वाले फाटक हटाकर सुरक्षित विकल्प बनाए गए।
ट्रेन टक्कर रोधी प्रणाली कवच व फॉग सेफ्टी डिवाइस ने जोखिम शून्य कर दिया। 65,000 किमी ट्रैक विद्युतीकृत हो चुके हैं, ईंधन बचत हुई।
अमृत भारत स्टेशन योजना से 401 स्टेशन आधुनिक बने। वंदे भारत व नमो भारत ट्रेनें तेज गति का प्रतीक हैं।
आगामी 2026-27 में 7,900 किमी पटरियों का नवीनीकरण होगा, जिससे 250 किमी/घंटा रफ्तार संभव। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट आगे बढ़ रहे।
रेलवे ने अर्थव्यवस्था को गति दी, माल ढुलाई दक्ष बनी। यह परिवर्तन राष्ट्र निर्माण का उत्कृष्ट उदाहरण है।