बांग्लादेश अब आतंकवाद, अलगाववाद और हिंदू प्रतिरोध का गढ़ बन गया है—यह कहना है वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल का। उन्होंने भारत सरकार को सतर्क करते हुए कहा कि पड़ोसी देश की अराजकता सीमा पार घुसपैठ का रूप ले रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बंसल ने ब्यौरा दिया कि चटगांव और सिलहट जैसे इलाकों में आतंकी अड्डे फल-फूल रहे हैं। असम, त्रिपुरा में विस्फोटों की साजिशें यहीं से हो रही। हथियारों की तस्करी रातोंरात जारी है।
अलगाववादियों को पनाह मिली हुई है, जबकि हिंदू समुदाय पर जुल्म के चलते वे हथियारबंद हो रहे हैं। ‘यह स्वाभाविक प्रतिक्रिया है अत्याचार के खिलाफ,’ बंसल ने तर्क दिया।
राजनीतिक उथल-पुथल ने हालात बिगाड़े हैं। बीएसएफ ने चौकसी तेज कर दी, लेकिन बंसल ने प्रतिबंध और प्रत्यर्पण की मांग की। वीएचपी रैलियां करेगा।
दक्षिण एशिया की शांति दांव पर है। मजबूत नीति अपनानी होगी।