उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने मौनी अमावस्या पर प्रदेश民 को नवीन उत्साह से भर देने वाला संदेश दिया। उन्होंने कहा, “जीवन में नव उत्साह और उमंग का आगमन हो।” इस पावन दिन की गरिमा को रेखांकित करते हुए मौन व्रत के लाभ बताए।
हिंदू पंचांग में माघ अमावस्या विशेष स्थान रखती है। श्रद्धालु पूर्ण मौन धारण कर ध्यान करते हैं, पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं। योगी जी ने इसे आत्मिक शक्ति का स्रोत बताया, जो चुनौतियों पर विजय दिलाता है।
प्रदेशभर में उत्सव की धूम रही। गंगा के तटों पर स्नान करने वालों की भारी भीड़ उमड़ी। अयोध्या, गोरखपुर सहित प्रमुख स्थानों पर विशेष आयोजन हुए। योगी सरकार ने क्राउड मैनेजमेंट, स्वच्छता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए, जिससे कोई असुविधा न हुई।
मुख्यमंत्री का संदेश विकास और संस्कृति के संतुलन को दर्शाता है। उनके शासनकाल में धार्मिक स्थलों का कायाकल्प हुआ है। यह अवसर न केवल धार्मिक है, बल्कि व्यक्तिगत विकास का भी माध्यम है। मौन से प्राप्त एकाग्रता जीवन को दिशा प्रदान करती है।
योगी आदित्यनाथ के प्रेरक शब्द युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय हैं। मौनी अमावस्या ने एक बार फिर सिद्ध किया कि परंपराएं प्रासंगिक बनी रहेंगी। नव उत्साह के साथ प्रदेश नई ऊंचाइयों को छूने को तैयार है।