मुरशिदाबाद के बेलडांगा में हुई हिंसक घटनाओं ने पूरे पश्चिम बंगाल को हिला दिया। भाजपा के कद्दावर नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्यपाल को पत्र भेजकर तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है। पत्र में उन्होंने ममता बनर्जी सरकार की विफलता पर कटाक्ष किया है।
हिंसा की शुरुआत धार्मिक जुलूस के दौरान हुई विवाद से हुई। विरोधी गुटों के बीच झड़पें इतनी तेज हो गईं कि बाजार जल उठे। दर्जनों दुकानें राख हो गईं, वाहनों में आग लग गई। पुलिस के देर से पहुंचने से लोग आक्रोशित हैं। सुवेंदु ने आरोप लगाया कि प्रशासन पक्षपाती रहा।
पत्र में उन्होंने उच्च स्तरीय जांच, दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों को मुआवजे की मांग दोहराई। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि 50 से अधिक घटनाएं हुईं। अस्पतालों में घायलों का इलाज चल रहा है।
टीएमसी नेताओं ने बीजेपी पर तुष्टिकरण का आरोप लगाकर पलटवार किया, लेकिन वीडियो सबूत विपक्ष के पक्ष में हैं। राज्यपाल आनंद बोस की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। वे पहले भी विवादास्पद मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं।
यह घटना बंगाल की नाजुक सांप्रदायिक संतुलन को उजागर करती है। सुवेंदु का कदम राजनीतिक बिसात बदल सकता है। बेलडांगा में शांति बहाली के प्रयास जारी हैं, लेकिन मूल समस्याओं का समाधान जरूरी है। राज्यपाल के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं।