भारत और कनाडा अपने आर्थिक एवं रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए नई संभावनाओं को अपनाने को तैयार हैं, यह कहना था केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का। एक आर्थिक मंच पर उन्होंने कृषि-प्रौद्योगिकी से लेकर हरी हाइड्रोजन तक सहयोग बढ़ाने की रूपरेखा पेश की।
गोयल के बयान वैश्विक भू-राजनीतिक बदलावों के समय आ रहे हैं, जब दोनों देश व्यापार साझेदारों में विविधता ला रहे हैं। उन्होंने कनाडा के प्राकृतिक संसाधनों और भारत की विनिर्माण क्षमता को साझा उद्यमों के लिए आदर्श बताया।
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक वाहनों की आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। गोयल ने मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने सांस्कृतिक आदान-प्रदान और कुशल प्रवास को गति देने पर बल दिया।
कार्यक्रम में उद्योग जगत के दिग्गजों ने मौजूदा सहयोग की सफल कहानियां साझा कीं। एक कनाडाई तकनीकी कंपनी बेंगलुरु में विस्तार की योजना बता रही है, जबकि भारतीय निर्यातक कनाडा की दवा मांग को निशाना बना रहे हैं।
भविष्य में नवाचार केंद्र और संयुक्त शोध पर जोर दिया गया। शुद्ध शून्य लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता से स्वच्छ प्रौद्योगिकी में सहयोग पर्यावरणीय और आर्थिक लाभ देगा। यह रणनीतिक पुनर्संरचना बहुध्रुवीय विश्व में दोनों देशों को मजबूत बनाएगी।
द्विपक्षीय व्यापार में निरंतर वृद्धि के साथ गोयल का दृष्टिकोण परिवर्तनकारी विकास का आधार तैयार कर रहा है। यह साझेदारी बाधाओं को पार कर पारस्परिक समृद्धि का उदाहरण बनेगी।