दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित विश्व पुस्तक मेले आज एक विशेष मेहमान का स्वागत करने के लिए उत्साहित दिखा। थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इस साहित्यिक महाकुम्भ का दौरा कर युवाओं से कहा, ‘भारत का भविष्य आपकी पीढ़ी के हाथों में है।’
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस मेले में विभिन्न देशों के प्रकाशन स्टालों के बीच सेना प्रमुख ने भारतीय साहित्य और रक्षा संबंधी ग्रंथों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। लेखकों और छात्रों के साथ उनके संवाद सराहनीय रहे।
लगभग ढाई घंटे तक चले दौरे में जनरल द्विवेदी ने नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव पर आधारित पुस्तकों का अवलोकन किया। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस पर भी ध्यान दें।
‘पुस्तकें दिमाग को तलवार बनाती हैं, अनुशासन चरित्र को ढाल,’ यह उनका प्रेरक संदेश था। यह दौरे ने सेना के बौद्धिक आयाम को सामने लाया है।
राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस मेले में 25 देशों के पवेलियन हैं। सेना प्रमुख की उपस्थिति ने सांस्कृतिक-सैन्य संवाद को मजबूत किया।
सोशल मीडिया पर #सेनाप्रमुखपुस्तकमेले की फोटो वायरल हो गईं। युवा पाठकों ने हस्ताक्षरित पुस्तकें प्राप्त कर उत्साह दिखाया।
यह दौरा गणतंत्र दिवस की तैयारियों के बीच युवा प्रेरणा का प्रतीक बन गया। सेना अब केवल सीमा पर ही नहीं, सांस्कृतिक मंचों पर भी सक्रिय दिख रही है।
जनरल द्विवेदी के शब्दों ने एक नई पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया है।