पटना पुलिस मुख्यालय में आज जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने एसएसपी से लंबी चर्चा की। केंद्र में थी बिहार के एक कॉलेज छात्रा की दर्दनाक मौत, जिसने राज्यव्यापी विवाद खड़ा कर दिया। राजनीतिक हलकों में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
घटना के विवरण अभी भी अस्पष्ट हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट्स सामान्य दुर्घटना बताती हैं, लेकिन सीसीटीवी और गवाह बयानों से पुलिस की गलतियां सामने आ रही हैं। परिवार ने ढिलाई और सबूत छिपाने का आरोप लगाया है। सड़कों पर छात्र प्रदर्शन तेज हैं।
किशोर ने एक घंटे की बंद कमरे बैठक में फोरेंसिक जांच, गवाह सुरक्षा और विशेष टीम की मांग रखी। ‘हमारे छात्रों पर अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे,’ उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। जन सुराज का यह प्रयास पार्टी को युवाओं का मसीहा बनाने की कोशिश दिखता है।
एसएसपी ने जांच तेज करने और दैनिक जानकारी का आश्वासन दिया। एनएचआरसी ने भी संज्ञान लिया है। बिहार की सियासत में यह मुद्दा चुनावी रंग ले सकता है। किशोर का हस्तक्षेप पारंपरिक दलों पर दबाव बना रहा है।
मामला पुलिस सुधार और शिक्षा सुरक्षा पर बहस छेड़ चुका है। छात्र हड़ताल की धमकी दे रहे हैं। क्या एसएसपी की मीटिंग न्याय दिलाएगी, यह समय बताएगा। फिलहाल, प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति को नई दिशा दी है।