भूकंप सुरक्षा पखवाड़े में नुक्कड़ नाटकों ने लोगों के दिलों में भूकंप भय के साथ बचाव की समझ जगाई। सार्वजनिक स्थानों पर खेले गए ये नाटक हास्य, नाटकीयता और वास्तविकता का अनोखा संगम थे, जो दर्शकों को बांधे रखा।
नाटकों में दिखाया गया कि कैसे साधारण सावधानियां बड़ी त्रासदी टाल सकती हैं – जैसे मेज के नीचे छिपना, भारी सामान बांधना और झूठी अफवाहों से बचना। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक ने सीखा कि घर में सुरक्षित कोना कैसे बनाएं। एक आयोजक ने बताया, ‘ये जन-जन तक संदेश पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं।’
दर्शकों ने प्रदर्शन के दौरान सवाल-जवाब किए और घर जाकर ड्रिल करने का संकल्प लिया। आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों के अनुसार, जागरूकता से हादसों में 30 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। पखवाड़ा मोबाइल अलर्ट, स्कूल कार्यक्रमों और सिमुलेशन से आगे बढ़ेगा।
समुदाय की एकजुटता से ही हम भूकंप जैसी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। ये नाटक उसी दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।