देश में बढ़ते साइबर आतंकवाद के खिलाफ एनआईए ने गुजरात के ऑनलाइन कट्टरपंथीकरण रैकेट पर शिकंजा कसा है। पांच संदिग्धों के खिलाफ अहमदाबाद कोर्ट में विस्तृत आरोपपत्र दायर किया गया, जो आईएसआईएस से प्रेरित नेटवर्क का भंडाफोड़ करता है।
चार्जशीट के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया पर छिपे चैनलों से जिहादी सामग्री बांट रहे थे, जिससे युवा वर्ग भ्रमित हो रहा था। सूरत, राजकोट और वडोदरा के ये तत्व एन्क्रिप्टेड ऐप्स का खुलकर दुरुपयोग कर रहे थे।
प्रमुख आरोपी एक आईटी विशेषज्ञ था, जो विदेशी कमांडरों के इशारे पर काम कर रहा था। जांच एजेंसी ने क्रिप्टो ट्रांजेक्शन, हथियार डिजाइन और भर्ती प्लान के ठोस प्रमाण जुटाए।
गुजरात में सघन सर्च ऑपरेशन्स से लैपटॉप, मोबाइल और जिहादी साहित्य जब्त हुआ। नेटवर्क ने 50 से अधिक संभावित भर्तियों को निशाना बनाया था, जिनमें नाबालिग भी शामिल थे।
एनआईए का यह कदम ऑनलाइन खतरों से निपटने की मिसाल कायम करेगा। नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की गई है। राज्य सरकार डिजिटल सिक्योरिटी को मजबूत करने में जुट गई है, जबकि कोर्ट में सुनवाई शुरू होने वाली है। यह केस आतंकवाद विरोधी chiến lược को नई दिशा दे सकता है।