राष्ट्रीय राजधानी में हिमाचल के मुखिया ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से भेंटवार्ता की। सेब उत्पादकों को राहत दिलाने के उद्देश्य से पीक सीजन में आयात पर प्रतिबंध की मांग प्रमुखता से रखी गई। यह कदम हिमाचल के ग्रामीण अर्थतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
राज्य के सेब उद्योग से जुड़े लाखों परिवारों की रोजी-रोटी खतरे में है। ऊबड़-खाबड़ इलाकों में उगाए जाने वाले स्वादिष्ट सेबों पर विदेशी सेबों की बाढ़ ने बाजार बिगाड़ दिया है। फसल पकने के ठीक समय पर सस्ते आयात बाजार पहुंचते हैं, जिससे दाम 30-40 रुपये प्रति किलो तक लुढ़क जाते हैं।
सुक्खू ने डेटा प्रस्तुत कर बताया कि इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने मौसमी प्रतिबंध, एंटी-डंपिंग जांच जैसे उपाय सुझाए। गोयल ने आश्वासन दिया कि मंत्रालय स्तर पर शीघ्र समीक्षा होगी। कोल्ड स्टोरेज और निर्यात प्रोत्साहन पर भी विचार-विमर्श हुआ।
सिमला, कुल्लू, मंडी जैसे जिलों में किसान संगठनों ने समर्थन जताया है। फसल वर्षा के बाद अच्छी होने की संभावना है, इसलिए समय रहते नीतिगत फैसला जरूरी। यह पहल न केवल सेब उद्योग को संजीवनी देगी, बल्कि कृषि व्यापार नीतियों में नया आयाम जोड़ेगी।