मुंबई के प्रमुख चौराहों और बाजारों पर देवेंद्र फडणवीस के पोस्टरों का बोलबाला है, जिनमें उन्हें ‘महाराष्ट्र का धुरंधर’ कहा गया है। निकाय चुनावों में भाजपा की जबरदस्त सफलता के बाद यह कदम पार्टी की शहरी राजनीति में फडणवीस को स्थापित करने का प्रयास है।
फडणवीस ने चुनावी रणनीति को बखूबी संभाला। बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, पानी और परिवहन पर केंद्रित अभियान ने मतदाताओं को प्रभावित किया। मुंबई में भाजपा की वापसी फडणवीस की मेहनत का नतीजा है।
पोस्टरों का उद्देश्य स्पष्ट है—फडणवीस को पार्टी का ब्रांड बनाना। उनके पिछले कार्यकाल के विकास कार्यों ने उनकी छवि मजबूत की है।
शिवसेना-यूबीटी और एनसीपी जैसे विपक्षी इसे प्रचार स्टंट बता रहे हैं, लेकिन जीत के आंकड़े कुछ और कहते हैं। भाजपा अब निकायों पर कंट्रोल के साथ विकास एजेंडे को आगे बढ़ाएगी।
भविष्य में यह जीत भाजपा को मजबूत करेगी। फडणवीस की अगुवाई में पार्टी शहरी महाराष्ट्र पर कब्जा जमाने को तैयार है।