दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने गुरुवार को FSL रिपोर्ट जारी कर एक लंबे विवाद का पटाक्षेप कर दिया। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि आप की आतिशी के वीडियो में न तो छेड़खानी हुई और न ही कोई छेड़छाड़।
यह वीडियो पिछले साल एक आप कार्यक्रम से वायरल हुआ था, जिस पर छेड़खानी के आरोप लगे। दोनों पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला, लेकिन फॉरेंसिक जांच ने हकीकत उजागर कर दी।
स्पीकर गुप्ता ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, ‘FSL की तकनीकी जांच से साबित हो गया कि वीडियो बिल्कुल असली है। यह राजनीतिक साजिश थी।’ रिपोर्ट में वीडियो के हर पहलू की गहन जांच का जिक्र है।
आप नेतृत्व ने शुरुआती प्रतिक्रिया में कहा कि वे हमेशा सच जानते थे। वहीं बीजेपी ने इसे आप की साख पर सवाल उठाने का मौका बताया।
चुनावी माहौल में यह रिपोर्ट गेम-चेंजर साबित हो सकती है। गुप्ता ने जोर देकर कहा कि संसदीय संसाधनों का दुरुपयोग बंद हो। रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध है।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बहस होगी, लेकिन तथ्य अब स्पष्ट हैं। दिल्ली की राजनीति को नई दिशा की जरूरत है।