प्रसिद्ध पाश्र्वगायिका सोना महापात्रा उज्जैन पहुंचीं और बाबा महाकाल की भस्म आरती में विराजमान हुईं। इस दैवीय पल ने उन्हें गहरे चिंतन में डुबो दिया, जिसे उन्होंने ऑनलाइन साझा किया।
परंपरागत वेशभूषा में सजी सोना ने गुप्त अनुष्ठान देखा जहां भस्म से शिवलिंग का श्रृंगार हुआ। ‘मंत्रों की गूंज और भस्म की पवित्रता ने मुझे मंत्रमुग्ध कर दिया,’ कैप्शन में भावुक होकर कहा।
महाकालेश्वर की यह अनूठी आरती विश्वविख्यात है। प्रातःकालीन यह विधि मृत्यु और अमरत्व का प्रतीक है। सोना ने बताया कि सख्त सुरक्षा के बीच यह अनुभूति अद्भुत रही।
मंदिर परिसर घूमते हुए उन्होंने शिप्रा नदी के किनारे ध्यान किया। भक्तों से बातचीत ने उनके हृदय को छू लिया। यह यात्रा उनके व्यस्त शेड्यूल में शांति का अमृत साबित हुई।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट ने महाकाल की महिमा फिर बयां की। प्रशंसक उनकी भक्ति से प्रेरित हो रहे हैं। सोना का यह कदम संगीत और अध्यात्म के मिश्रण का बेहतरीन उदाहरण है।