एनसीआर पर प्रकृति का क्रूर प्रहार: घना कोहरा, जानलेवा प्रदूषण और हड्डी छिल देने वाली ठंड। एक्यूआई 450 के पार पहुंच गया, जो दुनिया के सबसे खराब स्तरों में शुमार है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में ‘अति घना कोहरा’ छाया हुआ। 100 से ज्यादा ट्रेनें 4-6 घंटे लेट, हाईवे पर भयानक जाम। दिल्ली एयरपोर्ट पर कम दृश्यता से हाहाकार।
आईटीओ पर एक्यूआई 460, आरके पुरम पर 467। पंजाब-हरियाणा में धान के अवशेष जलाने से 40 प्रतिशत प्रदूषण। सर्दी की इनवर्जन लेयर ने जहर को फंसाया।
सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री। बिजली खपत चरम पर। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (जीआरएपी) के सख्त कदम: कंस्ट्रक्शन बैन, कोयला उद्योग बंद, ऑड-ईवन की तैयारी।
अस्पतालों में ब्रोंकाइटिस, अस्थमा के केस बढ़े। दवाखानों पर मास्क-इनहेलर की होड़।
सामने के अनुमान: कोहरा और प्रदूषण पूरे हफ्ते। किसानों को पराली प्रबंधन तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा जरूरी। अभी एनसीआर सांसों के जाल में फंसा है।