शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव का संकल्प लिया है त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने। उन्होंने नैतिक मूल्यों को शिक्षा सुधारों का मूल आधार बनाए जाने की बात कही। प्रमुख शिक्षािक कार्यक्रम में उनका यह बयान चर्चा का विषय बन गया।
साहा ने वर्तमान शिक्षा पद्धति की कमियों पर रोशनी डाली। अंकों के पीछे भागने वाली प्रथा को उन्होंने हानिकारक बताया। छात्रों के समग्र विकास के लिए चरित्र निर्माण आवश्यक है, यही उनका मानना है।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप व्यापक कदम उठाए जाएंगे। सभी स्तरों पर नैतिकता के पाठ पढ़ाए जाएंगे। शिक्षकों को मूल्य आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित होंगे।
सीएम ने आधुनिक समस्याओं का भी जिक्र किया। साइबर बुलिंग, नशीले पदार्थों का सेवन जैसी बुराइयों से लड़ने हेतु नैतिक शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। अभिभावक-शिक्षक संगठनों को सशक्त किया जाएगा।
बजट सत्र में इसके लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे। प्रगति की समीक्षा के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार का दावा है कि तीन वर्षों में स्पष्ट सुधार दिखेगा।
शिक्षाविदों ने सराहना की है इस पहल की। त्रिपुरा अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बन सकता है। माणिक साहा के नेतृत्व में शिक्षा का स्वरूप बदलेगा।