भारत अपना 75वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाने जा रहा है। यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता राजपथ पर मुख्य अतिथि होंगे, ‘बैटल एरे’ फॉर्मेशन और स्वदेशी सैन्य सामग्री का शानदार प्रदर्शन होगा।
यह चयन वैश्विक कूटनीति में भारत की बढ़ती साख को दर्शाता है। यूरोप के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का मौका मिलेगा।
‘बैटल एरे’ में जमीनी, हवाई और मिसाइल बलों का यथार्थवादी संयोजन दिखेगा। सेना की नई पीढ़ी की क्षमता का खुलासा होगा।
आत्मनिर्भर भारत के प्रतीक के रूप में आकाश मिसाइल, नगास्त्र, ध्रुव हेलीकॉप्टर और विक्रांत विमानवाहक पोत की झलक मिलेगी। डीआरडीओ के नवाचार सराहनीय।
कार्यक्रम में सभी अंगों के दलों, अर्धसैनिक बलों, एनसीसी कैडेट्स और मोटरसाइकिल स्टंट्स शामिल होंगे। सांस्कृतिक झांकियां विकास यात्रा की कहानी बयां करेंगी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच यह परेड संविधान की भावना को जीवंत करेगी और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करेगी।