दिल्ली की हवा जहर बन चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐलान किया है कि उनकी सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए 365 दिन, बिना रुके कार्यरत रहेगी। पर्यावरणीय समीक्षा बैठक में गुप्ता ने ‘मिशन 365’ शुरू करने की बात कही, जो पूरे साल सतर्कता सुनिश्चित करेगा।
पराली दहन, ट्रैफिक जाम और धूल भरी आंधियां साल भर प्रदूषण बढ़ाती हैं। प्रशासन की योजना में ड्रोन निगरानी, फैक्ट्रियों पर ऑडिट, ईवी चार्जिंग स्टेशन विस्तार और स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल शामिल हैं। ‘प्रदूषण को छुट्टी नहीं मिलती, हमें भी नहीं,’ गुप्ता ने कहा।
उल्लेखनीय कदमों में डीजल जनरेटरों का CNG रूपांतरण, शिकायत ऐप और किसानों को सब्सिडी प्रमुख हैं। CPCB डेटा से PM2.5 में कमी साबित होती है। केंद्र से राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम मजबूत करने की मांग की।
शहरीकरण और सीमापार प्रदूषण चुनौतियां हैं, लेकिन सौर ऊर्जा और वनरोपण से बदलाव आ रहा है। स्वास्थ्य शिविर और मास्क वितरण भी शुरू। यह मॉडल अन्य शहरों के लिए प्रेरणा बन सकता है, बशर्ते जनभागीदारी और एकजुटता बनी रहे। दिल्ली को साफ हवा का हक है—यह लड़ाई जारी रहेगी।