मेघालय सरकार ने घोषणा की है कि वह विधानसभा के बजट सत्र में रोजगार आरक्षण पर तैयार विस्तृत प्रतिवेदन विधानसभा में रखेगी। यह कदम स्थानीय बेरोजगार युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए उठाया गया है।
कई महीनों की मेहनत के बाद तैयार इस रिपोर्ट में सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों के लिए आरक्षण सीमा, श्रेणीवार वितरण और कार्यान्वयन तंत्र पर सुझाव दिए गए हैं। जनजातीय बहुल राज्य होने के नाते यह नीति सामाजिक सद्भाव के लिए महत्वपूर्ण है।
पिछले वर्षों में आरक्षण मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन और हड़तालें होती रहीं हैं। सरकार ने सभी पक्षों को संबोधित करने के लिए व्यापक परामर्श प्रक्रिया अपनाई है। रिपोर्ट में अदालती फैसलों का भी ध्यान रखा गया है।
सत्र में वित्तीय प्रस्तावों के साथ इसकी चर्चा होगी, जिससे कौशल विकास योजनाओं के लिए बजट आवंटन संभव हो सकेगा। विधायकों के बीच सहमति बनाने के प्रयास तेज हैं।
यह रिपोर्ट न केवल नौकरी के अवसर बढ़ाएगी, बल्कि राज्य से पलायन को भी रोक सकती है। उद्योगपतियों ने भी नीति स्पष्टता का स्वागत किया है। युवा संगठन कार्यान्वयन पर नजर रखेंगे।
कुल मिलाकर, बजट सत्र मेघालय के लिए नीतिगत मोड़ साबित हो सकता है। सफलता से सरकार की विश्वसनीयता बढ़ेगी और विकास तेज होगा।