जल जीवन मिशन से ग्रामीण जीवन में आए अभूतपूर्व बदलावों की सच्चाई परखने को आईआईटी मद्रास ने विश्वविद्यालयों और वैश्विक संस्थाओं के साथ ऐतिहासिक साझेदारी की है। 12 करोड़ से अधिक परिवारों तक पहुंच चुकी इस योजना के बहुआयामी प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन अब शुरू होगा।
महिलाओं के दैनिक जीवन में आए बदलाव पर विशेष जोर होगा। जल लाने के झंझट से मुक्ति मिलने से उत्पन्न समय का उपयोग आर्थिक गतिविधियों और शिक्षा में हो रहा है। शोध में पोषण, स्वास्थ्य और आय स्तर के आंकड़े शामिल होंगे।
उन्नत सेंसर, उपग्रह चित्रण और मोबाइल एप आधारित डेटा संग्रहण से लाखों गांवों का वास्तविक चित्रण होगा। जल की मात्रा, गुणवत्ता और उपयोग पैटर्न पर नजर रखी जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ जल-तंग क्षेत्रों के अपने अनुभव साझा करेंगे। इससे भारत को वैश्विक मॉडल विकसित करने में मदद मिलेगी। लीकेज, भूजल ह्रास और समुदाय स्वामित्व जैसे चुनौतियों का समाधान खोजा जाएगा।
तीन साल की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से मिलने वाले निष्कर्ष नीतिगत फैसलों को दिशा देंगे। चरणबद्ध रिपोर्टिंग से सुधार प्रक्रिया तेज होगी।
यह अध्ययन ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। न केवल योजना की सफलता का प्रमाण मिलेगा, बल्कि भविष्य की योजनाओं के लिए ठोस आधार भी तैयार होगा। भारत का यह प्रयोग विश्व पटल पर चर्चा का विषय बनेगा।