भारतीय जनता पार्टी और शिंदे शिवसेना के गठजोड़ ने बीएमसी चुनावों में बादशाहत कायम कर ली। ठाकरे भाइयों – उद्धव और राज – के गुटों को अप्रत्याशित पराजय मिली, जो मुंबई की राजनीति में उनके लंबे राज का अंत दर्शाती है।
चुनाव प्रचार में विकास, सफाई और बुनियादी सुविधाओं पर जोर देने वाले गठबंधन ने मतदाताओं का दिल जीत लिया। दादर, वर्ली और चेंबूर जैसे हॉटस्पॉट्स में शानदार जीत दर्ज की गई। एमएनएस की आक्रामक मुहिम फीकी पड़ गई, जबकि यूबीटी पारंपरिक वोटबैंक खो बैठी।
भारत की सबसे अमीर महानगरपालिका अब नई कमान में है। गठबंधन ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स, 24 घंटे पानी और डिजिटल शिकायत निवारण का ब्लूप्रिंट पेश किया है। इससे मुंबई की 1.2 करोड़ आबादी को फायदा होगा।
हारी हुई लड़ाई के बाद ठाकरे गुटों में हड़कंप मच गया। शिंदे समर्थक पटाखों से जश्न मना रहे हैं, जबकि विपक्ष पुनर्गणना की मांग कर रहा। यह नतीजे 2024 के विधानसभा चुनावों के लिए संकेत हैं – विकास ही राजा है।