भारतीय किसानों के लिए खुशखबरी! वित्त वर्ष 2024-25 में सरकार ने 83.46 लाख टन उर्वरक का अब तक का सबसे बड़ा भंडार उपलब्ध कराया है। यह उपलब्धि कृषि उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने वाली है।
यूरिया की 47 लाख टन के साथ-साथ फॉस्फेट और पोटाश का संतुलित संयोजन तैयार है। रूस, मोरक्को जैसे देशों से आयात और आईएफएफसीओ जैसी कंपनियों के उत्पादन से यह संभव हुआ।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इससे किसानों को 20 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी। बिहार, आंध्र प्रदेश जैसे उच्च उपभोग वाले राज्यों को प्राथमिकता मिलेगी।
एआई आधारित लॉजिस्टिक्स और ड्रोन निगरानी से अंतिम छोर तक वितरण सुगम होगा। मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड से जुड़ी सब्सिडी योजना अपव्यय रोकेगी।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि खाद्यान्न उत्पादन में 5-7 लाख टन की बढ़ोतरी होगी। कोआपरेटिव सोसाइटियों और महिला समूहों की भागीदारी से पारदर्शिता बढ़ेगी। यह नीति विकसित भारत के सपने को साकार करने में सहायक सिद्ध होगी।