पश्चिम बंगाल में अराजकता का माहौल है। भाजपा ने ममता सरकार पर SIR परियोजना को विफल करने के लिए हिंसा भड़काने का इल्जाम लगाया है। राज्य में कानून का राज खत्म हो चुका है, जिससे विकास की सभी योजनाएं खतरे में हैं।
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, ‘सरकार गुंडों के जरिए SIR को नेस्तनाबूद करना चाहती है, क्योंकि यह उनके वोटबैंक को चुनौती देती है।’ प्रभावित इलाकों में दंगे, लूटपाट और पुलिस स्टेशनों पर हमले की खबरें हैं।
यह महत्वाकांक्षी SIR औद्योगिक केंद्र के रूप में राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला था। लेकिन लगातार हमलों से निवेशक पीछे हट रहे हैं। भाजपा ने केंद्रीय बल तैनाती की मांग की है। सोशल मीडिया पर #BengalBurning ट्रेंड कर रहा है।
आम जनता हिंसा से त्रस्त है। युवाओं ने कहा, ‘हमें नौकरी दो, गुंडागर्दी नहीं।’ उद्योग संगठनों के अनुसार, SIR से 50 हजार से ज्यादा रोजगार पैदा हो सकते हैं।
तृणमूल नेताओं ने इसे भूमि अधिकार आंदोलन बताया, लेकिन खुफिया सूत्रों ने राजनीतिक साजिश का पर्दाफाश किया है। स्थिति बेकाबू होती जा रही है। बंगाल को शांति और विकास की जरूरत है, न कि खूनखराबे की।