हैदराबाद मेट्रो प्रोजेक्ट की रफ्तार बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को भूमि अधिग्रहण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने फेज-2 के लंबित कॉरिडोरों पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड के अनुसार, 200 एकड़ से अधिक भूमि अभी अधिग्रहित नहीं हुई है, जिससे टेंडर रुके हैं और खर्च बढ़ रहा है। आईटी हब और व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ने वाले रूट सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
पत्र में रेड्डी ने डिजिटल भूमि रिकॉर्ड, विशेष अधिकारी नियुक्ति और आकर्षक मुआवजे की योजना का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि केंद्र की फंडिंग तैयार है, राज्य को गति पकड़नी होगी। सिकंदराबाद से सांसद के रूप में उनकी यह पहल सराहनीय है।
शहर में मेट्रो उपयोग 25 प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन क्षमता की कमी है। समय पर पूरा होना 15,000 करोड़ की आर्थिक गतिविधि लाएगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि देरी निवेशकों का भरोसा कम करेगी।
चुनाव के बाद सत्ता में आई कांग्रेस सरकार के सामने यह विकास का इम्तिहान है। त्वरित कदम से केंद्र-राज्य सहयोग मजबूत होगा। हैदराबाद के निवासियों को बेहतर परिवहन का लाभ मिलेगा।