शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में मेघालय कैबिनेट ने कक्षा 6 से 10 के विद्यार्थियों के लिए समुदाय-एकीकृत कौशल अधिगम योजना को हरी झंडी दिखा दी है। स्थानीय समुदायों के सहयोग से यह कार्यक्रम छात्रों को पारंपरिक और आधुनिक कौशल सिखाएगा।
हस्तशिल्प, मधुमक्खी पालन, बेसिक कोडिंग, पर्यावरण प्रबंधन और स्टार्टअप स्किल्स जैसे विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित होंगी। मुख्य सचिव विक्टर ल्यंगडोह ने बताया कि यह युवा बेरोजगारी कम करने और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण में सहायक होगा। ईस्ट खासी हिल्स और री-भोई जिलों से पायलट शुरू होगा।
एनएसडीसी और स्थानीय स्वयं सहायता समूहों के साथ साझेदारी से प्रमाणित प्रशिक्षण सुनिश्चित होगा। राज्य ने शुरुआती 50 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। लड़कियों और दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष प्रावधान हैं।
शिक्षाविदों का मानना है कि यह ड्रॉपआउट रोकने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने वाला कदम है। मौसमी बाधाओं के बावजूद, मोबाइल लैब्स से विस्तार संभव है। मेघालय शिक्षा में नवाचार का नया अध्याय लिख रहा है।