कर्नाटक के डिप्टी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पार्टी में चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘मुख्यमंत्री पद का फैसला हाईकमान और हमारे बीच का विषय है। इसे मीडिया या जनता के बीच चर्चा का विषय न बनाएं।’
यह बयान दिल्ली में हालिया पार्टी बैठकों के बाद आया है, जहां कर्नाटक नेतृत्व पर चर्चा हुई। शिवकुमार, जो बेंगलुरु विकास के पुराने प्रभारी रहे हैं, ने अपनी निष्ठा दोहराई। चुनावी सफलता में उनके योगदान को याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने धन संग्रह से लेकर बूथ प्रबंधन तक सब संभाला।
सिद्धारमैया सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, लेकिन शिवकुमार ने इनसे ध्यान हटाने की अपील की। उन्होंने विधायकों से अनुशासन बनाए रखने को कहा। वोकालिगा-कुरुबा समीकरण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए उन्होंने एकता पर जोर दिया।
सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि अन्न भाग्य, युवा न्याय और सिंचाई परियोजनाओं से राज्य तरक्की कर रहा। ‘विपक्ष हमारी एकता तोड़ना चाहता है, लेकिन हम सतर्क हैं,’ उन्होंने चेतावनी दी।
विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान शिवकुमार की परिपक्वता दर्शाता है। वे भविष्य के लिए खुद को मजबूत कर रहे हैं। राज्य में स्थिरता के लिए उनका आह्वान सराहनीय है। आखिर में उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस कर्नाटक की सेवा में कटिबद्ध है।’