मतदान में प्रयुक्त अमिट स्याही के विवाद ने राजनीतिक तापमान को चढ़ा दिया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को जनता को भ्रम में डालने वाला करार देते हुए कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग गंभीर मुद्दों को हल्के में ले रहा है।
एक रैली में राहुल गांधी ने कहा, ‘चुनाव आयोग लोगों को गुमराह कर रहा है। स्याही धुलने की घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरा हैं।’ उन्होंने वीडियो सबूतों का हवाला देते हुए स्वतंत्र जांच की मांग उठाई। राहुल ने चेतावनी दी कि ऐसी लापरवाही से करोड़ों वोट प्रभावित हो सकते हैं।
भाजपा ने राहुल के बयानों को खारिज करते हुए जवाबी कार्रवाई की। वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘यह राहुल गांधी का पुराना ढर्रा है। हार मानने के बजाय वे संस्थाओं को बदनाम करते हैं।’ पार्टी ने स्याही की विश्वसनीयता पर जोर दिया और कांग्रेस को वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देने की नसीहत दी।
विवाद की जड़ में हैं वे वीडियो जो दिखाते हैं कि स्याही अल्कोहल जैसे पदार्थों से आसानी से साफ हो जाती है। हालांकि, आयोग के अनुसार यह सामान्य नहीं है। इतिहास में भी कुछ ऐसी शिकायतें आई हैं, लेकिन कभी बड़े पैमाने पर धांधली साबित नहीं हुई। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि यह चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
आगामी चुनावों के मद्देनजर यह टकराव महत्वपूर्ण है। आयोग को अब मजबूत जवाब देना होगा ताकि मतदाता विश्वास बना रहे। राजनीतिक दलों के बीच यह जंग जारी रहेगी, लेकिन अंततः लोकतंत्र की सेल्फी जनता ही लेगी।