बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मुंबई की जनगणना का व्यापक अभियान आरंभ कर दिया है, जो शहर के लोकतांत्रिक चित्र को ताजा करने की दिशा में बड़ा कदम है। पहले दौर की गिनती शुरू हो चुकी है और शुरुआती नतीजे तुरंत आने की संभावना है।
महामारी और प्रवास के कारण पुराने आंकड़े अप्रासंगिक हो चुके थे। यह गणना आवास, स्वास्थ्य और आर्थिक प्रोफाइल पर केंद्रित है, जो शासन को मजबूत बनाएगी।
5,000 से अधिक गणनाकारियों को जीपीएस ऐप्स से लैस कर वार्डों में भेजा गया है। कोलाबा से दहिसर तक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए चरणबद्ध तरीका अपनाया गया।
आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने प्रेस वार्ता में कहा, ‘डिजिटल उपकरण प्रसंस्करण समय को दिनों में बदल देंगे।’ सोशल मीडिया अभियान से जन सहयोग बढ़ा है।
झुग्गी क्षेत्रों में पहुंच चुनौतीपूर्ण है, लेकिन सामुदायिक नेताओं की मदद से इसे संभाला जा रहा है। रात्रिकालीन शिफ्ट्स प्रवासी मजदूरों को कवर करेंगे।
गणना प्रवास प्रवृत्तियों और आवास संकट को उजागर कर सकती है। पूर्ण अभियान संसाधन वितरण और नीतिगत सुधारों का आधार बनेगा, मुंबई को स्मार्ट शहर की ओर ले जाएगा।