दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में साइबरक्रिमिनल्स का नया जलवा। एक महिला उद्यमी को लालच और डर के जाल में फंसाकर ठग लिया गया, 7 करोड़ रुपये उड़ा ले गए। यह घटना साइबर सुरक्षा की कमजोरियों को सामने लाती है।
ठगों ने बैंकिंग ऐप में खराबी का बहाना बनाकर संपर्क किया। वीडियो कॉल पर फर्जी अधिकारी बनकर निवेश का लालच दिया। पहले छोटी रकम ट्रांसफर कराई, फिर झूठे प्रॉफिट दिखाकर भरोसा बढ़ाया।
15 दिनों में सारी पूंजी लुट गई। व्यवसाय ठप होने के कगार पर। पुलिस को शिकायत पर साइबर टीम ने छापेमारी की। नोएडा के कॉल सेंटर से दो गिरफ्तार, डिजिटल सबूत जब्त।
जांच में पता चला कि सिंडिकेट का नेटवर्क विदेशी सर्वरों से चल रहा। क्रिप्टो वॉलेट ट्रेस हो रहे हैं। पुलिस ने चेतावनी दी- अनजान कॉल पर OTP न दें, लिंक न खोलें।
बैंकों ने नई सिक्योरिटी अपडेट जारी कीं। व्यापारियों के बीच वर्कशॉप शुरू। यह स्कैम डिजिटल इंडिया के अंधेरे पहलू को दिखाता है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।