पश्चिम बंगाल में चक्रवात रेमल का असर अभी बरकरार है और इसी बीच जेईई मेन परीक्षा का मुद्दा गरमा गया। भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार ने एनटीए से परीक्षा स्थगित करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान ने अभ्यर्थियों की तैयारी पर ब्रेक लगा दिया।
अलीपुरद्वार में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मजूमदार ने कहा, ‘सड़कें डूबी हुईं, बिजली अनियमित, कोचिंग बंद। ऐसे में परीक्षा कैसे हो सकती है?’ उन्होंने 5 हजार से अधिक छात्रों के हलफनामे शिक्षा मंत्रालय को भेजे हैं। राज्य से 1.5 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
हावड़ा, आसनसोल के कोचिंग संस्थानों में 40 प्रतिशत उपस्थिति घटी। छात्रों ने कलेक्ट्रेट पर धरना शुरू कर दिया। तृणमूल का दावा है कि सामान्य स्थिति बहाल हो गई, लेकिन जमीनी हकीकत अलग। मजूमदार ने इसे राजनीतिक उपेक्षा करार दिया।
एनटीए के पास बदलाव का समय कम है। 2020 कोविड काल में स्थगन हुआ था, उसी तरह की मिसाल दोहराई जाए। सोशल मीडिया पर #PostponeJEEMainWB अभियान जोर पकड़ चुका। आईआईटी-एनआईटी पूर्व छात्र भी समर्थन में उतरे।
यदि स्थगन नहीं हुआ तो कोर्ट का रुख संभव। यह विवाद शिक्षा नीतियों की कठोरता पर सवाल उठाता है। पश्चिम बंगाल के छात्र उम्मीद भरी नजरों से फैसले का इंतजार कर रहे हैं। मजूमदार का अभियान सफल हो सकता है।