फरक्का ब्लॉक विकास कार्यालय पर हिंसा की घटना ने बंगाल की सियासत को गरमा दिया। भाजपा ने टीएमसी सरकार को घेरते हुए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती और विशेष जांच की मांग उठाई है।
ग्रामीणों ने कथित तौर पर दफ्तर पर धावा बोल दिया। पथराव से खिड़कियां टूट गईं, फाइलें बिखर गईं। पांच से अधिक कर्मचारी घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘टीएमसी के गुंडे सक्रिय हैं। केवल केंद्रीय बल ही निष्पक्ष SIR दिला सकते हैं।’ पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
क्षेत्र में बाढ़ राहत, जमीन विवाद जैसे मुद्दे लंबे समय से अधर में हैं। लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। विपक्ष इसे ‘जंगलराज’ बता रहा है।
टीएमसी ने जवाब में कहा, ‘भाजपा चुनावी ड्रामेबाजी कर रही है। हमने स्थिति संभाल ली है और पीड़ितों को मदद दी जाएगी।’
सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। सामाजिक संगठन सभी पक्षों से संयम बरतने को कह रहे हैं।
चुनाव नजदीक हैं, यह घटना राजनीतिक समीकरण बदल सकती है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन भरोसा कायम करना चुनौती है। शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।