बीएमसी चुनावों के दौरान फर्जी मतदान के सनसनीखेज आरोपों को एनसीपी के दिग्गज नवाब मलिक ने बकवास ठहराते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि विरोधी हार के डर से झूठे प्रचार में जुटे हैं। मलिक का यह बयान चुनावी माहौल को और गर्मा गया है।
मलाड में आयोजित प्रेस वार्ता में मलिक ने दस्तावेज लहराते हुए दावा किया, ‘हमारे बूथों पर हर मतदाता की पूरी जांच हुई। ये आरोप बिना सबूत के हैं।’ बीएमसी, जो 52 हजार करोड़ के बजट वाली दुनिया की सबसे अमीर महानगरपालिकाओं में शुमार है, के चुनाव महाराष्ट्र की सियासत के लिए मील का पत्थर हैं।
वायरल वीडियो और गवाहों के बयानों के आधार पर लगे आरोपों में झुग्गी-झोपड़ियों और ऊंची इमारतों में भूतिया वोटरों का जिक्र था। मलिक ने पार्टी के व्यापक प्रचार अभियान का हवाला दिया, जिसमें घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क साधा गया। चुनाव अधिकारी ने बताया कि उड़न दस्तों ने शंकास्पद स्थानों पर छापे मारे हैं।
मतगणना से पहले यह विवाद एनसीपी को नुकसान पहुंचा सकता था, लेकिन मलिक के आक्रामक रुख ने समीकरण बदल दिए। उन्होंने शहर की समस्याओं – पानी, सड़क, सफाई – पर फोकस किया और वादा किया कि सत्ता मिली तो आम आदमी की तकदीर बदलेंगे। मुंबई की इस जंग में कौन जीतेगा, परिणाम बताएंगे।