बीएमसी चुनाव का पहला चरण सुस्ती से शुरू हुआ, जहां वोटिंग की रफ्तार बेहद धीमी रही। इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबईकरों से सीधे अपील की कि वे घर से निकलकर मतदान करें। ‘मुंबई का भविष्य आपके हाथ में है, वोट डालना न भूलें,’ उन्होंने वीडियो संदेश में कहा।
सुबह 7 बजे शुरू हुए मतदान में दक्षिण मुंबई के वार्डों में दोपहर तक महज 12 प्रतिशत ही वोट पड़े। ट्रैफिक जाम, काम का दबाव और मौसम ने मतदाताओं को प्रभावित किया। हालांकि, उपनगरों में थोड़ी बेहतर स्थिति दिखी।
बीएमसी चुनाव में 227 सीटें दांव पर हैं, जहां भाजपा-शिवसेना गठबंधन मजबूत पकड़ बनाने को बेताब है। उद्धव ठाकरे गुट ने वोटर लिस्ट पर सवाल उठाए, तो शिंदे गुट ने विकास के वादे किए। एमएनएस भी मराठी बहुल इलाकों में सक्रिय है।
चुनाव आयोग ने 40 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय बल तैनात हैं। 2017 के चुनाव में 55 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, इस बार भी वैसा ही उत्साह अपेक्षित था।
फडणवीस का हस्तक्षेप महत्वपूर्ण है, क्योंकि बीएमसी का बजट 60 हजार करोड़ से अधिक का है। सड़क, पानी, कचरा प्रबंधन जैसी सेवाएं इसी पर निर्भर। शाम 6 बजे तक मतदान चलेगा। क्या मुंबई जागेगी? परिणाम 7 दिसंबर को।