पश्चिम बंगाल में केंद्र और राज्य के बीच जंग तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी ठोक दी है, जिसमें डीजीपी राजीव कुमार को आई-पैक छापेमारी में बाधा डालने के आरोप में हटाने की मांग की गई है।
आई-पैक, ममता बनर्जी की टीएमसी का प्रमुख चुनावी सलाहकार, 2021 विधानसभा और 2024 लोकसभा में अहम भूमिका निभा चुका है। ईडी की जांच में इसके दफ्तरों से शेल कंपनियों के जरिए काले धन के फ्लो के सबूत मिले। लेकिन छापे के दौरान राज्य पुलिस ने ईडी को घेर लिया।
याचिका में डीजीपी कुमार के आदेश पर पुलिस की तैनाती, खोज रोकी जाना और ईडी टीमों को हिरासत जैसे वाकये विस्तार से हैं। सरधा-नारदा मामलों में पहले भी कुमार पर सवाल उठे थे, जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जांच से हटाया था।
ईडी का तर्क है कि कुमार के पद पर बने रहने से संघर्ष विराम, कोयला चोरी और चुनाव फंडिंग की जांच खतरे में है। विपक्षी दल भाजपा-कांग्रेस ईडी के साथ हैं, जबकि टीएमसी इसे केंद्र का दमन बताती है।
राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने भी चिंता जताई है। क्या सुप्रीम कोर्ट डीजीपी बदलने का आदेश देगा? यह फैसला बंगाल की राजनीति को हिला सकता है, खासकर 2026 चुनावों से पहले।