प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोंगल संदेश ने काशी-तमिल संगम को नई ऊंचाई दी। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को साकार करते हुए यह आयोजन सांस्कृतिक सामंजस्य का प्रतीक बना। तमिलनाडु का प्रसिद्ध पर्व पोंगल वाराणसी में पूरे उत्साह से उतारा गया।
सूर्य पूजा, जल्लीकट्टू की झलक और भोगी अग्नि ने वातावरण को उत्सवी बना दिया। पीएम ने कहा कि काशी का यह संगम विविधता में एकता का जीवंत उदाहरण है। तमिल साहित्य पाठ और बनारसी शिल्प प्रदर्शनी ने आकर्षण बढ़ाया।
यह पहल राज्यों के बीच सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देती है। युवाओं के लिए कार्यशालाएं और आदान-प्रदान ने नई पीढ़ी को जोड़ा। राष्ट्रीय एकता के इस दौर में पोंगल जैसे पर्व महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आयोजकों ने भावी योजनाओं की घोषणा की। सोशल मीडिया पर #काशीपोंगल ट्रेंड कर रहा है। मोदी जी का संदेश एकता के सूत्र को और सशक्त बना रहा है।