आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता सौरभ भारद्वाज ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की पोल खोल दी है। एक सार्वजनिक सभा में उन्होंने योजना को ‘असफल प्रयोग’ बताते हुए सरकार की नाकामी उजागर की। इन मंदिरों से पारंपरिक चिकित्सा के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती और सुलभ होनी थीं, लेकिन हकीकत कुछ और है।
भारद्वाज ने बताया कि पूर्वी और बाहरी दिल्ली के इलाकों में मरीजों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में भटकना पड़ रहा है। ठेकेदारों को भुगतान तो हो गया, लेकिन काम अधूरा पड़ा है। उन्होंने फंड के गबन और नौकरशाही की अड़चनों को जिम्मेदार ठहराया। ‘आयुष्मान भारत का सपना चूर हो रहा है,’ उन्होंने कहा।
योजना की सफलता के लिए स्थानीय भागीदारी और तकनीकी अपनाने की जरूरत बताते हुए भारद्वाज ने तत्काल सुधारों की मांग की। सरकार ने जमीन और सप्लाई चेन की दिक्कतों का हवाला दिया, मगर यह बहाने ही साबित हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद राष्ट्रीय आयुष नीति पर असर डाल सकता है। भारद्वाज ने जांच समिति गठित करने का आह्वान किया, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो।