असम में रोजगार के नए द्वार खुल गए जब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने चाय जनजाति एवं आदिवासी युवाओं को 296 नियुक्ति पत्र प्रदान किए। गुवाहाटी के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र में हुआ यह वितरण राज्य की प्रगति का प्रतीक है।
सरमा ने सम्बोधन में जोर दिया कि ये युवा असम की चाय इंडस्ट्री के असली नायक हैं। ‘आपकी मेहनत से विश्व प्रसिद्ध असम चाय बनी है, अब सरकारी नौकरियां आपकी भागीदारी सुनिश्चित करेंगी,’ उन्होंने कहा। पद स्वास्थ्य, सिंचाई, राजस्व और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में हैं।
हजारों आवेदकों में से मेरिट के आधार पर चयनित ये युवा ग्रामीण इलाकों से हैं। कई ने अपनी सफलता का श्रेय सरकारी योजनाओं को दिया। यह भर्ती बेरोजगारी दर घटाने और स्थानीय प्रतिभा को बढ़ावा देने का प्रयास है।
भविष्य की योजनाओं में डिजिटल भर्ती पोर्टल और कौशल प्रशिक्षण शामिल हैं। सरमा ने बताया कि चाय बेल्ट में युवा पलायन रोकने के लिए ये कदम महत्वपूर्ण हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि इन समुदायों में आवेदन 25 प्रतिशत बढ़े हैं।
कार्यक्रम सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से रंगीन रहा। नेता इसे सामाजिक न्याय की दिशा में मील का पत्थर बता रहे हैं, जो असम को मजबूत बनाएगा।