राजस्थान में नौकरी पाने की आस जगाने वाला बड़ा फैसला हुआ है। सरकार ने एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती का व्यापक अभियान छेड़ने का ऐलान किया है। यह कदम विभिन्न क्षेत्रों में स्टाफ की कमी को पूरा करने और बेरोजगार युवाओं को ताकत देने के उद्देश्य से उठाया गया।
शिक्षक, डॉक्टर, कांस्टेबल से लेकर लिपिक तक—शिक्षा, चिकित्सा, कानून व्यवस्था जैसे विभागों में भर्तियां होंगी। डिजिटल पोर्टल के जरिए आवेदन प्रक्रिया आसान बनेगी, खासकर ग्रामीण इलाकों के लिए। समयसीमा के अनुसार परीक्षाएं अगले कुछ महीनों में होंगी।
राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार बहस के बीच यह घोषणा महत्वपूर्ण है। राजनीतिक जानकार इसे चुनावी वचनों को पूरा करने का कदम बता रहे हैं। अर्थशास्त्री मानते हैं कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। कैबिनेट ने प्रशिक्षण और नियुक्ति के लिए बजट स्वीकृत किया है।
जयपुर सहित कोचिंग संस्थानों में तैयारी का जोर शुरू हो गया है। योग्यता सूची में आरक्षित वर्गों को प्राथमिकता मिलेगी। पारदर्शिता के लिए लाइव अपडेट और शिकायत निवारण की व्यवस्था होगी।
भर्ती लहर से राजस्थान सार्वजनिक क्षेत्र की भर्ती में अग्रणी बनेगा। यह न केवल तात्कालिक बेरोजगारी घटाएगा, बल्कि बुनियादी ढांचे और डिजिटल शासन जैसी चुनौतियों के लिए मजबूत टीम तैयार करेगा। उम्मीदवार सतर्क रहें, सफलता का मार्ग प्रशस्त है।