बीजेपी के योगेंद्र चंदोलिया ने कांग्रेस के मणिशंकर अय्यर के हिंदुत्व विरोधी बयान को वोट बैंक की राजनीति करार देते हुए ललकारा है। चुनावी साल में यह टकराव राजनीतिक दलों के बीच गर्माहट बढ़ा रहा है।
अय्यर ने हालिया सभा में हिंदुत्व को हिंदू धर्म से अलग बताते हुए कहा, ‘यह राजनीतिक हिंदुत्व बहुसंख्यकवाद को बढ़ावा देता है, जो हमारे संविधान के विरुद्ध है।’
चंदोलिया ने पलटवार किया, ‘कांग्रेस नेता हिंदुत्व पर सवाल उठाकर अल्पसंख्यक वोटरों को ललकार रहे हैं। उनकी हिंदू समर्थन की नींव हिल चुकी है। यह तुष्टिकरण की पुरानी रणनीति है।’
भाजपा नेता ने कांग्रेस के ऐतिहासिक फैसलों का जिक्र किया। ‘आर्टिकल 370, ट्रिपल तलाक—इन पर कांग्रेस विरोधी क्यों थी? अब हिंदुत्व पर बोलना ढोंग है।’
अय्यर के विवादास्पद बयानों का लंबा इतिहास है। पाकिस्तान को गले लगाने से लेकर मोदी पर टिप्पणियां—हर बार वे सुर्खियों में। फिर भी, वे अपनी बात पर अडिग रहते हैं।
चुनावी सर्वे बताते हैं कि कांग्रेस का पारंपरिक वोट बैंक बंट रहा है। ऐसे में अय्यर जैसे नेता आक्रामक रुख अपना रहे हैं।
बीजेपी इसे सुनहरा अवसर मान रही। चंदोलिया बोले, ‘हिंदुत्व अब सिर्फ विचारधारा नहीं, बल्कि विकास और एकता का प्रतीक है। कांग्रेस का हमला उल्टा पड़ेगा।’
सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है। #HindutvaZindabad ट्रेंड कर रहा। विपक्ष के कुछ नेता अय्यर के साथ हैं, तो कुछ खामोश।
यह विवाद 2024 के लोकसभा चुनाव की झलक है। विचारधारा की लड़ाई में कौन जीतेगा, वोटर तय करेंगे।