गुजरात की राजधानी गांधीनागर में जर्मन बिजनेस प्रतिनिधिमंडल और राज्य सरकार के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। निवेश आकर्षित करने और प्रौद्योगिकी साझा करने पर केंद्रित यह चर्चा भारत-जर्मनी संबंधों को नई ऊंचाई देगी।
उद्योग मंत्री बालवंतसिंह राजपूत ने डेलिगेशन को संबोधित किया। उन्होंने धोलेरा स्मार्ट सिटी, सेमीकंडक्टर पार्क और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का जिक्र किया। जर्मन कंपनियां रसायन, इंजीनियरिंग और क्लीन टेक क्षेत्रों में निवेश के लिए उत्सुक दिखीं।
चर्चा में ईवी बैटरी प्लांट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और विंड टरबाइन परियोजनाएं प्रमुख रहीं। गुजरात की पीएलआई योजनाओं ने जर्मन निवेशकों को आकर्षित किया।
इंडस्ट्री 4.0, रोबोटिक्स और डिजिटल ट्विन जैसी तकनीकों पर संयुक्त केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जर्मन व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चर्चा में शामिल हुए।
यह बैठक यूरोपीय संघ-भारत व्यापार समझौते के बाद आ रही है। गुजरात का पोर्ट-लेड विकास और जर्मनी की निर्यात क्षमता से द्विपक्षीय व्यापार में उछाल की उम्मीद।
बैठक सकारात्मक रही, जिसमें ‘गुजरात-जर्मनी कॉरिडोर’ की कल्पना की गई। निकट भविष्य में बड़े एमओयू पर हस्ताक्षर होने की संभावना।