सेवानिवृत्त कैप्टन अनिल गौर ने पाकिस्तान को सुधार न करने वाला देश करार दिया है। रक्षा क्षेत्र के जानकार गौर का मानना है कि इस्लामाबाद अपनी गलतियां दोहरा रहा है, जो भारत के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
‘पाकिस्तान सुधरने का नाम ही नहीं ले रहा। सैन्य तानाशाही और जिहादी समर्थन जारी है,’ गौर ने कहा। एलओसी पर उल्लंघन और कश्मीर में घुसपैठ इसके प्रमाण हैं।
उन्होंने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर चोट की, जहां कर्ज का बोझ और बेरोजगारी आम जन को कुचल रही है। ‘आईएमएफ की शर्तें मानने के बजाय आतंक को प्राथमिकता दी जा रही।’ आईएसआई की भूमिका पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
समाज में व्याप्त कट्टरता को खतों का जाल बताया। ‘मदरसे और पाठ्यक्रम बदलाव की बाधा हैं। पाकिस्तान खुद को अलग-थलग कर रहा है।’
भारत को सलाह देते हुए कहा कि स्वदेशी हथियारों पर जोर दें। पाकिस्तान का चीन-तुर्की गठजोड़ दिखावा मात्र है। अंत में, गौर ने चेताया कि सुधार न होने पर संघर्ष लंबा चलेगा।