मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्लॉटर हाउस से गोमांस मिलने के दावों पर कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सरकार से स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग की, ताकि सच्चाई उजागर हो सके।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने बताया कि मुखबिरों की सूचना पर छापेमारी में गोमांस के अवशेष पाए गए। ‘यह खाद्य चेन में गंभीर खतरा है और धार्मिक संवेदनशीलता का उल्लंघन,’ उन्होंने कहा। भोपाल नगर निगम ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।
शहरवासी आक्रोशित हैं और प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। पटवारी ने स्लॉटर हाउस प्रबंधन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। राज्य में गोहत्या प्रतिबंधित होने के बावजूद ऐसी घटनाएं नियंत्रण से बाहर हो रही हैं।
विपक्षी नेता इस मुद्दे को विधानसभा सत्र में उछालने की योजना बना रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी कि सभी मीट सैंपल की फोरेंसिक जांच अनिवार्य हो। भाजपा ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है।
यह विवाद स्लॉटर हाउसों के लाइसेंसिंग और निरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। पटवारी की मांग से सरकार पर दबाव बढ़ गया है। जल्द ही जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है, जो आगे की कार्रवाई तय करेगी।