रेलवे सुरक्षा बल ने मालदा में टिकट ब्लैकमार्केटिंग के सरगनाओं पर शिकंजा कसा। दलालों की गिरफ्तारी के साथ 59 मोबाइल फोन बरामद हुए, जो उनकी धोखाधड़ी का मुख्य हथियार थे। यह अभियान रेलवे की सख्ती का नमूना है।
खुफिया जानकारी के आधार पर आरपीएफ ने स्टेशन क्षेत्र में घेराबंदी की। दलालों को मौके पर धर दबोचा गया, जहां वे यात्रियों को महंगे दामों पर टिकट ठुंस रहे थे। छानबीन में भंडारित फोन मिले, जिनमें तकनीकी जालसाजी के निशान थे।
ये उपकरण बहु-खातों से ऑनलाइन बुकिंग करते थे, यात्रा सीजन में टिकटों पर कब्जा जमाते थे। आम आदमी को लिस्ट में धकेलकर मुनाफा कमाया जाता था। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह कई जिलों में फैला था।
अब साइबर विशेषज्ञ फोनों की फॉरेंसिक जांच कर रहे हैं। अन्य सहयोगियों तक पहुंच बन रही है। रेल मंत्रालय ने टीम को बधाई दी है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि आधिकारिक चैनलों से ही बुकिंग करें। भविष्य में ड्रोन और सीसीटीवी से नजर रखी जाएगी। मालदा की यह जीत पूरे देश के लिए प्रेरणा बनेगी।